अध्याय 1: संक्षेप रामायण
श्लोक 17
संक्षेप रामायण – श्लोक 17
संस्कृत श्लोक
रामो लक्ष्मणपूर्वश्च भरतः शत्रुघ्नेन च। सीतापि राघवं प्राप्ता पतिव्रता च सुन्दरी॥
हिंदी अनुवाद
राम, लक्ष्मण सहित, भरत शत्रुघ्न सहित, और सीता जो पतिव्रता एवं सुंदरी हैं, राघव (राम) को प्राप्त हुईं।
अर्थ / व्याख्या
राम के साथ लक्ष्मण, भरत के साथ शत्रुघ्न एवं सीता के राम से मिलन का वर्णन।
टिप्पणी
यह श्लोक राम के पारिवारिक परिवेश को दर्शाता है।
॥ श्लोक १७ ॥
रामो लक्ष्मणपूर्वश्च भरतः शत्रुघ्नेन च। सीतापि राघवं प्राप्ता पतिव्रता च सुन्दरी॥
rāmo lakṣmaṇapūrvaśca bharataḥ śatrughnena ca | sītāpi rāghavaṃ prāptā pativratā ca sundarī ||
🔹 हिन्दी : राम, लक्ष्मण सहित, भरत शत्रुघ्न सहित, और सीता जो पतिव्रता एवं सुंदरी हैं, राघव को प्राप्त हुईं।
🔹 English : Rama along with Lakshmana, Bharata along with Shatrughna, and Sita, who is chaste and beautiful, attained Raghava.
🔍 शब्दार्थ
| संस्कृत | हिन्दी अर्थ |
|---|---|
| रामः | राम |
| लक्ष्मणपूर्वः | लक्ष्मण सहित |
| च | और |
| भरतः | भरत |
| शत्रुघ्नेन | शत्रुघ्न के साथ |
| च | और |
| सीता | सीता |
| अपि | भी |
| राघवम् | राघव (राम) |
| प्राप्ता | प्राप्त हुई |
| पतिव्रता | पतिव्रता |
| च | और |
| सुन्दरी | सुंदरी |
यह श्लोक अयोध्या के राजपरिवार के सदस्यों का परिचय देता है।