संक्षेप रामायण – श्लोक 69

संस्कृत श्लोक

सारं सर्वपुराणानां सारं वेदस्य कीर्तितम् । सारं रामायणं पुण्यं सारं ज्ञानस्य चोच्यते ॥

हिंदी अनुवाद

सभी पुराणों का सार, वेदों का सार, पुण्यमय रामायण, और ज्ञान का सार – यह कहा जाता है।

अर्थ / व्याख्या

रामायण को सभी पुराणों, वेदों और ज्ञान का सार बताया गया है।

टिप्पणी

यह श्लोक रामायण को सभी शास्त्रों का सार घोषित करता है।

॥ श्लोक ६९ – रामायण सभी शास्त्रों का सार ॥

सारं सर्वपुराणानां सारं वेदस्य कीर्तितम् । सारं रामायणं पुण्यं सारं ज्ञानस्य चोच्यते ॥
sāraṃ sarvapurāṇānāṃ sāraṃ vedasya kīrtitam | sāraṃ rāmāyaṇaṃ puṇyaṃ sāraṃ jñānasya cocyate ||

🔹 हिन्दी अनुवाद : सभी पुराणों का सार, वेदों का सार, पुण्यमय रामायण, और ज्ञान का सार – यह कहा जाता है।

🔹 English Translation : The Ramayana is proclaimed as the essence of all Puranas, the essence of the Vedas, the sacred essence, and is said to be the essence of knowledge.

🔍 शब्दार्थ (Word by Word Meaning)

संस्कृतव्याकरणहिन्दी अर्थ
सारम्नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचनसार
सर्वपुराणानाम्नपुंसकलिंग, षष्ठी बहुवचनसभी पुराणों का
सारम्नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचनसार
वेदस्यपुल्लिंग, षष्ठी एकवचनवेद का
कीर्तितम्भूतकृदन्त, नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचनकहा गया
सारम्नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचनसार
रामायणम्नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचनरामायण
पुण्यम्विशेषण, नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचनपुण्यमय
सारम्नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचनसार
ज्ञानस्यनपुंसकलिंग, षष्ठी एकवचनज्ञान का
अव्ययऔर
उच्यतेलट्लकार कर्मणि, प्रथमपुरुष एकवचन (वच् धातु)कहा जाता है

📜 ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व

यह श्लोक रामायण को समस्त भारतीय शास्त्रों का निचोड़ बताता है। पुराणों में अठारह मुख्य पुराण हैं, जिनमें विविध विषयों का वर्णन है। वेदों में चार वेद हैं, जिनमें समस्त धर्म का मूल है। ज्ञान के अनेक स्रोत हैं – उपनिषद, दर्शन आदि। किन्तु रामायण इन सबका सार है। अर्थात् रामायण में वे सब बातें समाहित हैं जो अन्य शास्त्रों में फैली हुई हैं। यह एक अत्यन्त महत्वपूर्ण उक्ति है, जो रामायण की सर्वव्यापकता को दर्शाती है।

रामायण में धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष – चारों पुरुषार्थों का उपदेश मिलता है। इसमें राजनीति, नीति, भक्ति, ज्ञान, कर्म आदि सभी विषयों का समावेश है। इसलिए इसे सर्वशास्त्रसार कहना उचित ही है।

आध्यात्मिक दृष्टि से, रामायण का पाठ करने से व्यक्ति को सभी शास्त्रों के अध्ययन का फल प्राप्त हो जाता है।

॥ रामायणं सारभूतं सर्वशास्त्रार्थसंग्रहः ॥

जय श्री राम 🙏