संक्षेप रामायण – श्लोक 39
संस्कृत श्लोक
रावणस्तु समाज्ञाय हनूमन्तं महाकपिम् । दग्धुं चकार पुच्छाग्रे वस्त्रमावेष्ट्य कारणात् ॥
हिंदी अनुवाद
रावण ने उस महान् वानर हनुमान् को देखकर उसकी पूँछ के अग्रभाग पर वस्त्र लपेटकर (तेल डालकर) आग लगवा दी।
अर्थ / व्याख्या
रावण ने हनुमान् की पूँछ में आग लगवा दी।
टिप्पणी
यह श्लोक हनुमान् के लंका दहन की पृष्ठभूमि तैयार करता है।
॥ श्लोक ३९ – हनुमान् की पूँछ में आग ॥
🔹 हिन्दी अनुवाद : रावण ने उस महान् वानर हनुमान् को देखकर उसकी पूँछ के अग्रभाग पर वस्त्र लपेटकर (तेल डालकर) आग लगवा दी।
🔹 English Translation : Ravana, having learnt about that great monkey Hanuman, caused his tail to be set on fire by wrapping cloth on its tip for that purpose.
🔍 शब्दार्थ (Word by Word Meaning)
| संस्कृत | व्याकरण | हिन्दी अर्थ |
|---|---|---|
| रावणः | पुल्लिंग, प्रथमा एकवचन | रावण |
| तु | अव्यय | तो |
| समाज्ञाय | ल्यबन्त अव्यय (सम् + आ + ज्ञा) | जानकर, देखकर |
| हनूमन्तम् | पुल्लिंग, द्वितीया एकवचन | हनुमान् को |
| महाकपिम् | पुल्लिंग, द्वितीया एकवचन (महा + कपि) | महान् वानर |
| दग्धुम् | तुमुन्नन्त अव्यय (दह् धातु) | जलाने के लिए |
| चकार | लिट्लकार, प्रथमपुरुष एकवचन (कृ धातु) | किया |
| पुच्छाग्रे | नपुंसकलिंग, सप्तमी एकवचन (पुच्छ + अग्र) | पूँछ के अग्रभाग पर |
| वस्त्रम् | नपुंसकलिंग, द्वितीया एकवचन | वस्त्र |
| आवेष्ट्य | ल्यबन्त अव्यय (आ + वेष्ट्) | लपेटकर |
| कारणात् | नपुंसकलिंग, पञ्चमी एकवचन | कारण से (यातना देने के लिए) |
📜 ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व
रावण के आदेश पर राक्षसों ने हनुमान् की पूँछ में तेल में भिगोए वस्त्र लपेटकर आग लगा दी। हनुमान् ने अपने शरीर को छोटा कर लिया, जिससे बंधन ढीले हो गए, और वे आग लगी पूँछ के साथ लंका में घूमने लगे। उन्होंने अपनी पूँछ से घरों, महलों और बगीचों में आग लगा दी, जिससे सम्पूर्ण लंका जल उठी। केवल विभीषण का घर ही बचा, जहाँ हनुमान् ने आग नहीं लगाई। इस घटना को लंका दहन कहा जाता है। हनुमान् ने यह सुनिश्चित किया कि सीता को कोई क्षति न हो।
लंका दहन हनुमान् की अदम्य शक्ति और राम के प्रति उनकी निष्ठा का प्रतीक है। यह रावण के अहंकार को चुनौती थी, जिससे वह और अधिक क्रोधित हुआ। हनुमान् ने यह भी दर्शा दिया कि राम की सेना कितनी शक्तिशाली है।
॥ लंका दग्धा हनूमता – हनुमान् ने लंका जलाई ॥
जय श्री राम 🙏