संक्षेप रामायण – श्लोक 60

संस्कृत श्लोक

रामोऽपि बहुवर्षाणि राज्यं कृत्वा महायशाः । सभ्राता सह सीतेन स्वर्गलोकं जगाम ह ॥

हिंदी अनुवाद

राम ने भी बहुत वर्षों तक राज्य करके महान् यश प्राप्त किया, और फिर भाइयों सहित तथा सीता के साथ (अन्त में) स्वर्गलोक को चले गए।

अर्थ / व्याख्या

राम ने दीर्घकाल तक राज्य किया और अन्त में भाइयों और सीता सहित स्वर्गारोहण किया।

॥ श्लोक ६० – राम का स्वर्गारोहण ॥

रामोऽपि बहुवर्षाणि राज्यं कृत्वा महायशाः । सभ्राता सह सीतेन स्वर्गलोकं जगाम ह ॥
rāmo'pi bahuvarṣāṇi rājyaṃ kṛtvā mahāyaśāḥ | sabhrātā saha sītena svargalokaṃ jagāma ha ||

🔹 हिन्दी अनुवाद : राम ने भी बहुत वर्षों तक राज्य करके महान् यश प्राप्त किया, और फिर भाइयों सहित तथा सीता के साथ (अन्त में) स्वर्गलोक को चले गए।

🔹 English Translation : Rama also, having ruled the kingdom for many years and attained great fame, along with his brothers and with Sita, went to heaven.

🔍 शब्दार्थ (Word by Word Meaning)

संस्कृतव्याकरणहिन्दी अर्थ
रामःपुल्लिंग, प्रथमा एकवचनराम
अपिअव्ययभी
बहुवर्षाणिनपुंसकलिंग, द्वितीया बहुवचनबहुत वर्षों तक
राज्यम्नपुंसकलिंग, द्वितीया एकवचनराज्य
कृत्वाल्यबन्त अव्यय (कृ धातु)करके
महायशाःविशेषण, पुल्लिंग, प्रथमा एकवचनमहान् यश वाले
सभ्राताविशेषण, पुल्लिंग, प्रथमा एकवचनभाइयों सहित
सहअव्ययसाथ
सीतेनपुल्लिंग, तृतीया एकवचन? (सीता स्त्रीलिंग है, किन्तु यहाँ संभवतः सीतया होना चाहिए; पाठ भेद हो सकता है)सीता के साथ
स्वर्गलोकम्पुल्लिंग, द्वितीया एकवचनस्वर्गलोक को
जगामलिट्लकार, प्रथमपुरुष एकवचन (गम् धातु)गए
निपात

📜 ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व

राम ने बहुत वर्षों तक आदर्श रूप में राज्य किया। अन्त में, जब समय आया, तो उन्होंने अपने भाइयों और सीता के साथ स्वर्गारोहण किया। उत्तरकाण्ड के अनुसार, राम को यह ज्ञात हुआ कि अब उनका पृथ्वी पर कार्य समाप्त हो गया है। उन्होंने राज्य अपने पुत्रों लव और कुश को सौंप दिया और सरयू नदी में प्रवेश करके अपने शरीर का त्याग कर दिया। उनके साथ उनके भाई और सीता भी थे (हालाँकि सीता पहले ही धरती में समा चुकी थीं, यहाँ "सह सीतेन" का अर्थ संभवतः उनके साथ आध्यात्मिक रूप से है)।

राम का स्वर्गारोहण उनके दिव्य स्वरूप की पुनर्स्थापना है। वे विष्णु के अवतार थे, और अपने कार्य की समाप्ति पर वे अपने धाम लौट गए। यह घटना हमें सिखाती है कि देह धारण करने वाले सभी को अन्ततः इस नश्वर शरीर का त्याग करना होता है, और धर्म के मार्ग पर चलने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

राम का स्वर्गारोहण रामायण की अन्तिम घटना है। इसके साथ ही राम की लीला समाप्त होती है।

॥ रामः स्वर्गं गतः श्रीमान् सीतया सह भ्रातृभिः ॥

जय श्री राम 🙏