संक्षेप रामायण – श्लोक 52
संस्कृत श्लोक
रामे राज्यं प्रशासति सर्वे धर्मपरा जनाः । न च दुर्भिक्षमरकं न चौरादिभयं क्वचित् ॥
हिंदी अनुवाद
जब राम राज्य का शासन कर रहे थे, सभी लोग धर्मपरायण थे। न कहीं दुर्भिक्ष (अकाल) था, न मरी (महामारी), और न चोर आदि का भय।
अर्थ / व्याख्या
राम के शासनकाल में प्रजा सुखी, धर्मपरायण और सभी भयों से मुक्त थी।
॥ श्लोक ५२ – रामराज्य का वैभव ॥
🔹 हिन्दी अनुवाद : जब राम राज्य का शासन कर रहे थे, सभी लोग धर्मपरायण थे। न कहीं दुर्भिक्ष (अकाल) था, न मरी (महामारी), और न चोर आदि का भय।
🔹 English Translation : When Rama was ruling the kingdom, all people were devoted to righteousness. There was no famine, no epidemic, and no fear of thieves etc. anywhere.
🔍 शब्दार्थ (Word by Word Meaning)
| संस्कृत | व्याकरण | हिन्दी अर्थ |
|---|---|---|
| रामे | पुल्लिंग, सप्तमी एकवचन | राम के द्वारा |
| राज्यम् | नपुंसकलिंग, द्वितीया एकवचन | राज्य |
| प्रशासति | लट्लकार, प्रथमपुरुष एकवचन (प्र + शास्) | शासन करते हुए |
| सर्वे | सर्वनाम, पुल्लिंग, प्रथमा बहुवचन | सभी |
| धर्मपराः | विशेषण, पुल्लिंग, प्रथमा बहुवचन | धर्मपरायण |
| जनाः | पुल्लिंग, प्रथमा बहुवचन | लोग |
| न | अव्यय | नहीं |
| च | अव्यय | और |
| दुर्भिक्षम् | नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचन | अकाल |
| मरकम् | नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचन | महामारी |
| न | अव्यय | नहीं |
| चौरादिभयम् | नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचन (चौर + आदि + भय) | चोर आदि का भय |
| क्वचित् | अव्यय | कहीं |
📜 ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व
रामराज्य भारतीय संस्कृति में आदर्श शासन का प्रतीक है। राम के शासनकाल में प्रजा सुखी, धार्मिक और निर्भय थी। कोई अकाल नहीं पड़ता था, कोई महामारी नहीं फैलती थी, और चोर-डाकुओं का भय नहीं था। यह वर्णन दर्शाता है कि जब शासक धर्मपरायण और न्यायप्रिय होता है, तो सम्पूर्ण राज्य में सुख-शांति छा जाती है। रामराज्य का यह आदर्श आज भी राजनीति और प्रशासन का लक्ष्य माना जाता है।
आध्यात्मिक दृष्टि से, रामराज्य वह अवस्था है जब आत्मा (राम) हृदय रूपी राज्य में स्थापित होती है, और सभी इन्द्रियाँ (प्रजा) धर्म का पालन करती हैं। तब मन में कोई विकार (चोर, भय) नहीं होता।
📖 पाठ की विधि एवं लाभ
इस श्लोक का पाठ करने से शासन और प्रबंधन में सफलता मिलती है। यह देश और समाज की भलाई के लिए कामना करने वालों के लिए अत्यन्त लाभदायक है।
॥ रामराज्यं सुखं दद्याद्धर्मरक्षणतत्परम् ॥
जय श्री राम 🙏