संक्षेप रामायण – श्लोक 86

संस्कृत श्लोक

इतिहासोत्तमे ह्यस्मिन् रामायणे महात्मनः । रामचन्द्रस्य चरितं वर्णितं पापनाशनम् ॥

हिंदी अनुवाद

इस उत्तम इतिहास रामायण में महात्मा रामचन्द्र का पापनाशक चरित्र वर्णित है।

अर्थ / व्याख्या

रामायण में रामचन्द्र का पापनाशक चरित्र वर्णित है।

टिप्पणी

यह श्लोक रामायण के विषय का सारांश देता है।

॥ श्लोक ८६ – रामायण में राम का पापनाशक चरित्र ॥

इतिहासोत्तमे ह्यस्मिन् रामायणे महात्मनः । रामचन्द्रस्य चरितं वर्णितं पापनाशनम् ॥
itihāsottame hyasmin rāmāyaṇe mahātmanaḥ | rāmacandrasya caritaṃ varṇitaṃ pāpanāśanam ||

🔹 हिन्दी अनुवाद : इस उत्तम इतिहास रामायण में महात्मा रामचन्द्र का पापनाशक चरित्र वर्णित है।

🔹 English Translation : In this best of historical epics, the Ramayana, the character of the great-souled Rama Chandra, which destroys sins, is described.

🔍 शब्दार्थ (Word by Word Meaning)

संस्कृतव्याकरणहिन्दी अर्थ
इतिहासोत्तमेपुल्लिंग, सप्तमी एकवचन (इतिहास + उत्तम)इतिहासों में उत्तम
हिअव्ययही
अस्मिन्सर्वनाम, पुल्लिंग, सप्तमी एकवचनइस
रामायणेनपुंसकलिंग, सप्तमी एकवचनरामायण में
महात्मनःपुल्लिंग, षष्ठी एकवचनमहात्मा के
रामचन्द्रस्यपुल्लिंग, षष्ठी एकवचनरामचन्द्र का
चरितम्नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचनचरित्र
वर्णितम्भूतकृदन्त, नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचनवर्णित है
पापनाशनम्विशेषण, नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचनपापनाशक

📜 ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व

यह श्लोक रामायण के विषय को स्पष्ट करता है – यह महात्मा रामचन्द्र का चरित्र है, जो पापनाशक है। राम को "महात्मा" कहा गया है, जो उनकी महानता और उदारता को दर्शाता है। उनका चरित्र "पापनाशनम्" है – केवल उसके श्रवण-मनन से पाप नष्ट हो जाते हैं।

रामायण को "इतिहासोत्तम" कहा गया है – सभी इतिहासों (ऐतिहासिक ग्रन्थों) में श्रेष्ठ। यह रामायण की सर्वोच्चता को स्थापित करता है। रामायण के अतिरिक्त महाभारत आदि भी इतिहास हैं, किन्तु रामायण को उत्तम कहा गया है।

यह श्लोक संक्षेप रामायण के सार को फिर से दोहराता है – रामायण राम का चरित्र है, और यह पापनाशक है।

॥ रामचन्द्रकथा पुण्या पापघ्नी च सुखप्रदा ॥

जय श्री राम 🙏