संक्षेप रामायण – श्लोक 80

संस्कृत श्लोक

एवं रामायणं पुण्यं यः पठेत् शृणुयादपि । स सर्वकामानाप्नोति रामलोके महीयते ॥

हिंदी अनुवाद

इस प्रकार इस पुण्यमय रामायण को जो पढ़े या सुने, वह सब कामनाओं को प्राप्त करता है और रामलोक में पूजित होता है।

अर्थ / व्याख्या

रामायण के पाठ या श्रवण से सभी कामनाएँ पूर्ण होती हैं और रामलोक की प्राप्ति होती है।

टिप्पणी

यह श्लोक रामायण के फलश्रुति का समापन करता है।

॥ श्लोक ८० – रामायण फलश्रुति का समापन ॥

एवं रामायणं पुण्यं यः पठेत् शृणुयादपि । स सर्वकामानाप्नोति रामलोके महीयते ॥
evaṃ rāmāyaṇaṃ puṇyaṃ yaḥ paṭhet śṛṇuyādapi | sa sarvakāmānāpnoti rāmaloke mahīyate ||

🔹 हिन्दी अनुवाद : इस प्रकार इस पुण्यमय रामायण को जो पढ़े या सुने, वह सब कामनाओं को प्राप्त करता है और रामलोक में पूजित होता है।

🔹 English Translation : Thus, he who reads or hears this sacred Ramayana attains all desires and is honored in the realm of Rama.

🔍 शब्दार्थ (Word by Word Meaning)

संस्कृतव्याकरणहिन्दी अर्थ
एवम्अव्ययइस प्रकार
रामायणम्नपुंसकलिंग, द्वितीया एकवचनरामायण
पुण्यम्विशेषण, नपुंसकलिंग, द्वितीया एकवचनपुण्यमय
यःसर्वनाम, पुल्लिंग, प्रथमा एकवचनजो
पठेत्विधिलिङ्, प्रथमपुरुष एकवचन (पठ् धातु)पढ़े
शृणुयात्विधिलिङ्, प्रथमपुरुष एकवचन (श्रु धातु)सुने
अपिअव्ययभी
सःसर्वनाम, पुल्लिंग, प्रथमा एकवचनवह
सर्वकामान्पुल्लिंग, द्वितीया बहुवचनसभी कामनाओं को
आप्नोतिलट्लकार, प्रथमपुरुष एकवचन (आप् धातु)प्राप्त करता है
रामलोकेपुल्लिंग, सप्तमी एकवचनरामलोक में
महीयतेलट्लकार कर्मणि, प्रथमपुरुष एकवचन (मह् धातु)पूजित होता है

📜 ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व

यह श्लोक बालकाण्ड के प्रथम सर्ग (संक्षेप रामायण) के फलश्रुति का समापन करता है। इसमें पुनः सारांश रूप में रामायण के पाठ-श्रवण के फल बताए गए हैं – सर्वकामानाप्नोति (सभी इच्छाओं की पूर्ति) और रामलोके महीयते (रामलोक में पूजा)। "सर्वकामान्" का अर्थ है धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष – चारों पुरुषार्थ। अतः रामायण का पाठ या श्रवण मनुष्य को चारों पुरुषार्थ प्रदान करता है, और अन्त में रामलोक (मोक्ष) देता है।

यह श्लोक रामायण के अध्ययन को सर्वोच्च फलदायी बताता है। इसीलिए रामायण को "कल्पवृक्ष" के समान कहा जाता है, जो माँगने पर सब कुछ देता है।

इस प्रकार संक्षेप रामायण का समापन होता है। अब आगे बालकाण्ड में वाल्मीकि और नारद के संवाद आदि का वर्णन होगा।

॥ रामायणं पठन् विद्वान् सर्वान् कामानवाप्नुयात् ॥

॥ इति संक्षेपरामायणम् ॥

जय श्री राम 🙏