युद्ध काण्ड
अध्याय 59 | 0 श्लोक
रावण का रथ पर आरूढ़ होना
रावण अपने दिव्य रथ पर सवार होकर युद्धभूमि में प्रवेश करता है। उसके रथ की ध्वनि से तीनों लोक कंपित हो जाते हैं और वानर सेना में भय का संचार होता है।
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