युद्ध काण्ड अध्याय 41 | 0 श्लोक

इंद्रजीत का निकुंभिला यज्ञ के लिए जाना

इंद्रजीत निकुंभिला नामक स्थान पर यज्ञ करने जाता है, जिससे उसे अमोघ शक्ति प्राप्त होती है। विभीषण को यह पता चलता है और वह राम को सूचित करता है।

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