युद्ध काण्ड
अध्याय 26 | 0 श्लोक
कुंभकर्ण का रावण से मिलना
रावण द्वारा कुंभकर्ण को जगाने का आदेश, उसका जागरण, भोजन, रावण से भेंट और युद्ध के लिए प्रस्थान। कुंभकर्ण रावण को उसके कर्मों की भर्त्सना करता है किन्तु भाई के प्रेम में युद्ध हेतु तैयार हो जाता है।
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