युद्ध काण्ड अध्याय 25 | 0 श्लोक

कुंभकर्ण का जागरण

रावण अपनी सेना की दुर्दशा देखकर अपने महाबली भाई कुंभकर्ण को जगाने का निर्णय लेता है। राक्षस अनेक प्रकार से कुंभकर्ण को जगाने का प्रयास करते हैं - नगाड़ों, हाथियों और मांस के ढेरों से। अंततः कुंभकर्ण जागता है, भोजन करता है और रावण से मिलकर युद्ध का संकल्प लेता है।

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