युद्ध काण्ड अध्याय 18 | 0 श्लोक

इंद्रजीत का युद्ध में प्रवेश

जब राक्षस सेना व्याकुल होने लगती है, तब रावण अपने पुत्र इंद्रजीत को युद्ध में भेजता है। इंद्रजीत अदृश्य होकर राम और लक्ष्मण पर बाणों की वर्षा करता है, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।