युद्ध काण्ड
अध्याय 111 | 0 श्लोक
राम के राज्य की समृद्धि
राम के राज्याभिषेक के पश्चात उनका राज्य सर्वत्र समृद्ध हो उठा। प्रजा सुखी, धन-धान्य से परिपूर्ण, और प्रकृति भी अपने चरम पर थी। यह सर्ग रामराज्य की आर्थिक और सामाजिक समृद्धि का वर्णन करता है।
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