युद्ध काण्ड
अध्याय 105 | 0 श्लोक
राम की प्रजा का सुखी जीवन
राम के धर्मपूर्वक शासन में अयोध्या की प्रजा अत्यन्त सुखी, समृद्ध और निर्भय होकर रहती है। कोई भी व्यक्ति दुःखी, रोगी या असंतुष्ट नहीं है। सभी धर्मपरायण हैं और राम में अनन्य प्रेम रखते हैं। यह सर्ग रामराज्य के आदर्श स्वरूप का सुन्दर चित्रण करता है।
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