युद्ध काण्ड अध्याय 104 | 0 श्लोक

राम का दान-धर्म

राज्याभिषेक के पश्चात श्रीराम अयोध्या में विशाल दान-यज्ञ का आयोजन करते हैं। वे ब्राह्मणों, गरीबों, याचकों और सभी नगरवासियों को अन्न, वस्त्र, धन, रत्न, भूमि आदि का अपार दान देते हैं। कोई भी याचक खाली हाथ नहीं लौटता।

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