उत्तर काण्ड
अध्याय 67 | 0 श्लोक
शुक्र द्वारा ययाति को श्राप
राजा ययाति ने शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी से विवाह किया, किन्तु गुप्त रूप से शर्मिष्ठा से भी सम्बन्ध बना लिया। इस अपराध पर शुक्राचार्य ने ययाति को वृद्धावस्था का श्राप दे दिया।
अध्याय के सभी श्लोक
इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।