उत्तर काण्ड अध्याय 66 | 0 श्लोक

वसिष्ठ और निमि की कहानी का समापन

राजा निमि द्वारा वसिष्ठ से यज्ञ कराने का निमंत्रण, प्रतीक्षा में विलंब, अन्य ऋतvik की नियुक्ति, पारस्परिक श्राप और अंत में दोनों के पुनर्जन्म एवं समाधान की कथा।

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