उत्तर काण्ड अध्याय 28 | 0 श्लोक

रावण और महापुरुष की भेंट

अपनी विजय यात्रा के दौरान रावण की भेंट एक महान तपस्वी महापुरुष से होती है, जो अत्यंत शांत और ज्ञानी हैं। रावण उनकी तपस्या और ज्ञान से प्रभावित होकर उनसे जीवन के रहस्यों को जानने का प्रयास करता है।

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