उत्तर काण्ड अध्याय 27 | 0 श्लोक

रावण का चन्द्रलोक भ्रमण

रावण अपने विमान पुष्पक से चन्द्रलोक की यात्रा करता है। वहाँ वह चन्द्रदेव की सभा में जाता है और उनके दिव्य वैभव को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाता है, किंतु चन्द्रदेव के शीतल और सौम्य व्यवहार के आगे उसका कोई बल नहीं चलता।

अध्याय के सभी श्लोक

इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।