उत्तर काण्ड
अध्याय 25 | 0 श्लोक
रावण द्वारा सूर्य देव को चुनौती
रावण के अहंकार की पराकाष्ठा तब होती है जब वह सूर्य देव को युद्ध के लिए ललकारता है। वह सूर्य के रथ पर चढ़ने का प्रयास करता है, लेकिन सूर्य की शक्ति के सामने उसे पीछे हटना पड़ता है। अन्ततः ब्रह्मा हस्तक्षेप करते हैं और रावण को समझाते हैं।
अध्याय के सभी श्लोक
इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।