उत्तर काण्ड अध्याय 24 | 0 श्लोक

रावण की बालि से भेंट

रावण अपनी दिग्विजय यात्रा के दौरान किष्किन्धा जाता है और वानरराज बालि से भेंट करता है। दोनों में मैत्री होती है और बालि रावण की शक्ति को स्वीकार करता है।

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