उत्तर काण्ड
अध्याय 18 | 0 श्लोक
रावण के भय से देवताओं का विभिन्न रूप धारण करना
रावण के आतंक से त्रस्त होकर देवताओं ने भिन्न-भिन्न रूप धारण किए – अग्नि कबूतर बने, इन्द्र मोर, यम कौआ आदि।
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