उत्तर काण्ड अध्याय 13 | 0 श्लोक

रावण के अत्याचार

रावण अपने बल के मद में चूर होकर देवताओं, ऋषियों और मनुष्यों पर अत्याचार करने लगता है। वह यज्ञों में विघ्न डालता और सीता की खोज में जाने तक के कृत्यों का संक्षिप्त वर्णन।

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