उत्तर काण्ड अध्याय 117 | 0 श्लोक

दुर्वासा ऋषि का राम से भेंट करने आगमन

क्रोधी महर्षि दुर्वासा अयोध्या पहुँचते हैं और राम से तत्काल भेंट की माँग करते हैं। राम लक्ष्मण को द्वार पर तैनात करते हैं और भेंट का समय तय करते हैं, जो आगे लक्ष्मण के त्याग का कारण बनता है।