उत्तर काण्ड
अध्याय 108 | 0 श्लोक
वाल्मीकि द्वारा सीता को राम के सामने लाना
वाल्मीकि ऋषि सीता और लव-कुश को लेकर राम के दरबार में आते हैं। वे सीता की शुद्धता की घोषणा करते हैं और राम से उन्हें स्वीकार करने का आग्रह करते हैं। सीता का पुनर्मिलन होता है, परन्तु संशय के बादल अभी शेष हैं।
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