उत्तर काण्ड
अध्याय 103 | 0 श्लोक
राम द्वारा अश्वमेध यज्ञ का आदेश
राम अपने राज्य की समृद्धि और पुत्रेष्टि के लिए अश्वमेध यज्ञ करने का निश्चय करते हैं। वे भाइयों और ऋषियों से परामर्श कर यज्ञ की तैयारी का आदेश देते हैं।
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