उत्तर काण्ड
अध्याय 102 | 0 श्लोक
इला का अपने मूल स्वरूप में लौटना
पुरुरवा के जन्म के बाद इला पुनः अपने मूल पुरुष रूप (सुद्युम्न) में लौटना चाहती हैं। शिव की आराधना से वे वरदान प्राप्त करती हैं कि वे एक मास पुरुष और एक मास स्त्री रहेंगी।
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