सुन्दर काण्ड
अध्याय 62 | 0 श्लोक
दधिमुख का किष्किन्धा की ओर प्रस्थान
अशोक वाटिका के विध्वंस के बाद, वानरों द्वारा मधुवन फल खाने के कारण दधिमुख और उनके अनुयायियों से विवाद हो जाता है। दधिमुख वानरों को दंड देने का प्रयास करते हैं, परन्तु वानर उन्हें परास्त कर देते हैं। तब दधिमुख स्वयं किष्किन्धा जाकर सुग्रीव को यह समाचार देने का निश्चय करते हैं।
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