सुन्दर काण्ड अध्याय 43 | 0 श्लोक

हनुमान् का राक्षसों के पवित्र स्थान को नष्ट करने का विचार

सीता जी से भेंट करने के पश्चात् हनुमान जी विचार करते हैं कि अब उन्हें राक्षसों की शक्ति का परीक्षण भी करना चाहिए और सीता से पुनः भेंट का अवसर बनाना चाहिए। वे रावण के प्रिय अशोक वाटिका को नष्ट करने का निर्णय लेते हैं, जिससे राक्षस उन पर आक्रमण करें और वे उनका सामना कर सकें। यह सर्ग हनुमान की रणनीति और पराक्रम का परिचायक है।