सुन्दर काण्ड अध्याय 41 | 0 श्लोक

हनुमान का रावण से मिलने का विचार

सीता से भेंट करने के पश्चात् हनुमान जी विचार करते हैं कि अब रावण से मिलना आवश्यक है। वे उसकी शक्ति का आकलन करना चाहते हैं और उसे राम का संदेश सुनाना चाहते हैं। इस हेतु वे जानबूझकर अशोक वाटिका का विनाश आरम्भ करते हैं, जिससे राक्षस उन्हें पकड़कर रावण के समक्ष ले जाएँ। यह सर्ग हनुमान के कूटनीतिक कौशल और रणनीतिक सोच को प्रदर्शित करता है।