सुन्दर काण्ड
अध्याय 26 | 0 श्लोक
सीता का प्राण त्यागने का निर्णय
हनुमान जी द्वारा राम का संदेश सुनने के बाद भी सीता जी अत्यंत दुखी हैं। वे राम के आने की प्रतीक्षा में एक मास का समय निर्धारित करती हैं और उसके बाद प्राण त्यागने का निर्णय लेती हैं। हनुमान उन्हें सांत्वना देते हैं और राम के शीघ्र आगमन का आश्वासन देकर लौटते हैं।
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