सुन्दर काण्ड अध्याय 2 | 0 श्लोक

हनुमान् की समुद्र यात्रा (विस्तृत वर्णन)

सुन्दरकाण्ड के द्वितीय सर्ग में हनुमान् की समुद्र यात्रा का विस्तार से वर्णन है। हनुमान् माता सीता की खोज में लंका जाने के लिए समुद्र पार करने का संकल्प लेते हैं। मार्ग में मैनाक पर्वत उन्हें विश्राम के लिए आमंत्रित करता है और देवताओं द्वारा भेजी गई सर्पराज्ञी सिंहिका का उन्हें सामना करना पड़ता है, जिसे वे पराजित करते हैं। अन्त में वे सफलतापूर्वक समुद्र पार कर लंका के निकट पहुँचते हैं।

अध्याय के सभी श्लोक

इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।