किष्किन्धा काण्ड अध्याय 66 | 0 श्लोक

हनुमान् के जन्म की कथा

किष्किन्धाकाण्ड का यह सर्ग हनुमान् जी के जन्म की अद्भुत कथा का वर्णन करता है। राम-लक्ष्मण से भेंट होने पर हनुमान् अपने जन्म की कथा सुनाते हैं - कैसे वे अंजना और केसरी के पुत्र हैं, और पवनदेव के आशीर्वाद से उनका जन्म हुआ।