किष्किन्धा काण्ड अध्याय 63 | 0 श्लोक

सम्पाती को नए पंख मिले और वे उड़ गए

किष्किन्धाकाण्ड के त्रेसठवें सर्ग में, सम्पाती द्वारा सीता का समाचार बताने के पश्चात, उनके पुराने जले हुए पंख पुनः उग आते हैं। नए पंखों से युक्त होकर सम्पाती आकाश में उड़ान भरते हैं और वानरों को आशीर्वाद देकर समुद्र पार जाने का मार्ग बताते हैं।

अध्याय के सभी श्लोक

इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।