किष्किन्धा काण्ड
अध्याय 62 | 0 श्लोक
सम्पाती की कथा (जारी)
किष्किन्धाकाण्ड का बासठवाँ सर्ग सम्पाती की कथा को आगे बढ़ाता है। पिछले सर्ग में अपने पंख गँवाने का कारण बताने के बाद, अब सम्पाती वानरों को सीता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। वह बताते हैं कि उन्होंने रावण को सीता को ले जाते हुए देखा था और अब वह दक्षिण दिशा में लंका नामक नगरी में है।
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