किष्किन्धा काण्ड
अध्याय 49 | 0 श्लोक
अंगद द्वारा सभी वानरों का उत्साहवर्धन
सीता की खोज में निकले वानर दक्षिण दिशा में समुद्र तट पर पहुँचते हैं, किन्तु असफलता और समय समाप्त होने के कारण निराश हो जाते हैं। अंगद उन्हें सुग्रीव के कोप से बचने और कर्तव्य पालन के लिए प्रेरित करते हुए उत्साहवर्धन करते हैं।
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