किष्किन्धा काण्ड अध्याय 39 | 0 श्लोक

राम द्वारा सुग्रीव को सौम्य रूप से समझाना

किष्किन्धाकाण्ड का उनतीसवाँ सर्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें राम, सुग्रीव को मैत्री का महत्व समझाते हुए वर्षा ऋतु की समाप्ति पर सीता की खोज के प्रयासों में देरी न करने का उपदेश देते हैं। क्रोध से आप्लेषित लक्ष्मण को शांत कर, राम उनके माध्यम से सुग्रीव को सौम्य भाव से उनके कर्तव्य का स्मरण दिलाते हैं।