किष्किन्धा काण्ड
अध्याय 33 | 0 श्लोक
लक्ष्मण का क्रोध, तारा द्वारा शांत करना
किष्किन्धाकाण्ड के तैंतीसवें सर्ग में लक्ष्मण के क्रोध और तारा द्वारा उन्हें शांत करने का वर्णन है। वर्षा ऋतु बीत जाने पर भी जब सुग्रीव राम से किये वचन का पालन नहीं करते, तो राम लक्ष्मण को किष्किन्धा भेजते हैं। लक्ष्मण क्रोधित होकर वहाँ पहुँचते हैं, जहाँ तारा उनसे मिलकर उनके क्रोध को शांत करती हैं और सुग्रीव की ओर से आश्वासन देती हैं।
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