किष्किन्धा काण्ड अध्याय 32 | 0 श्लोक

हनुमान् द्वारा सुग्रीव को सलाह

इस सर्ग में हनुमान् जी सुग्रीव को उनके कर्तव्य का स्मरण दिलाते हैं। वे सुग्रीव को राम से क्षमा माँगने और सीता की खोज में तत्पर होने की सलाह देते हैं, जिससे सुग्रीव अपनी भूल सुधारते हैं और लक्ष्मण को शांत करने का प्रयास करते हैं।

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