किष्किन्धा काण्ड अध्याय 30 | 0 श्लोक

शरद ऋतु का वर्णन

किष्किन्धाकाण्ड के तीसवें सर्ग में भगवान राम, वर्षा ऋतु के समाप्त होने पर शरद ऋतु के आगमन का वर्णन करते हैं। वे लक्ष्मण को प्रकृति के सौंदर्य, स्वच्छ आकाश, खिले कमल, और प्रसन्न पशु-पक्षियों का दृश्य दिखाते हैं। साथ ही, सीता के वियोग में उनकी व्याकुलता भी अभिव्यक्त होती है।

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