किष्किन्धा काण्ड अध्याय 22 | 0 श्लोक

वालि के मृत्युकालीन उपदेश

किष्किन्धाकाण्ड के बाईसवें सर्ग में वालि की मृत्यु के समय दिए गए उपदेशों का वर्णन है। वालि राम को धर्मभ्रष्टता के लिए धिक्कारता है, किन्तु फिर अपनी गलती स्वीकार करता है और सुग्रीव को राज्य एवं अंगद के पालन के निर्देश देता है। अन्त में वह राम की महिमा स्वीकार करते हुए प्राण त्याग देता है।

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