किष्किन्धा काण्ड अध्याय 20 | 0 श्लोक

वालि की मृत्यु पर तारा का विलाप

किष्किन्धाकाण्ड के बीसवें सर्ग में वालि के वध के पश्चात उसकी पत्नी तारा का विलाप वर्णित है। तारा युद्धस्थल पर आकर वालि के शव को देखकर अत्यन्त दुःखी होती है और करुण क्रन्दन करती है। वह सुग्रीव और राम को कटु वचन कहती है तथा वालि के पराक्रम, सौन्दर्य और उसके प्रति अपने प्रेम का स्मरण करती है। अन्त में वह वालि के साथ मरने की इच्छा प्रकट करती है, किन्तु सुग्रीव और राम उसे धैर्य बँधाते हैं।