बाल काण्ड अध्याय 62 | 0 श्लोक

शुनःशेप और विश्वामित्र

बाल काण्ड का बासठवाँ सर्ग शुनःशेप की कथा का वर्णन करता है, जिसमें राजा हरिश्चन्द्र द्वारा पुत्र की कामना से वरुण को दिए गए वचन, शुनःशेप की बलि की तैयारी, और विश्वामित्र द्वारा उसे दिए गए मन्त्रों से उसकी रक्षा का वर्णन है। यह सर्ग विश्वामित्र की करुणा और उनके ब्रह्मर्षि पद की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।

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