अयोध्या काण्ड
अध्याय 99 | 0 श्लोक
रावण का भिक्षुक वेश में आना
इस सर्ग में रावण, सीता के रूप-सौन्दर्य की प्रशंसा सुनकर, उनका हरण करने का कपटपूर्ण निश्चय करता है। वह एक तपस्वी भिक्षुक का वेश धारण करके पंचवटी में राम के आश्रम के समीप पहुँचता है और सीता से भिक्षा माँगने के बहाने उनसे बातचीत करता है।
अध्याय के सभी श्लोक
इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।