अयोध्या काण्ड
अध्याय 66 | 0 श्लोक
वीराध का वध
राक्षस वीराध सीता का हरण कर लेता है। राम और लक्ष्मण उसका पीछा करते हैं और घोर युद्ध के बाद उसका वध कर देते हैं। मरते समय वीराध अपना वास्तविक परिचय देता है और राम को सुग्रीव से मित्रता करने का सुझाव देता है।
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