अरण्य काण्ड
अध्याय 62 | 0 श्लोक
सीता के वियोग में राम का विलाप (जारी)
इस सर्ग में भगवान राम सीता के वियोग में अत्यन्त व्याकुल होकर वन-वन भटकते हैं। वे वृक्षों, नदियों, पर्वतों और वन्य प्राणियों से सीता का पता पूछते हैं। उनका विलाप हृदयविदारक है और वे करुणा की मूर्ति बन जाते हैं। लक्ष्मण उन्हें धैर्य बँधाते हैं और आगे बढ़ने को प्रेरित करते हैं।
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