अरण्य काण्ड अध्याय 5 | 0 श्लोक

ऋषि शरभंग का आश्रम

अरण्यकाण्ड के पाँचवें सर्ग में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण महर्षि शरभंग के आश्रम में जाते हैं। शरभंग राम के दर्शन से पुलकित होकर उन्हें अपने तप का फल अर्पित करना चाहते हैं, किन्तु राम उसे विनयपूर्वक अस्वीकार कर देते हैं। तत्पश्चात शरभंग अग्नि में प्रवेश कर ब्रह्मलोक को प्रस्थान करते हैं। अन्य ऋषि राम के समक्ष राक्षसों की समस्या रखते हैं।

अध्याय के सभी श्लोक

इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।