🙏 कृष्ण कृपा हो तभी – कृष्ण का नाम ले सकोगे

(Krishna Kripa Ho Tabhi Lyrics In Hindi) – Gaura Vani | Madhavas Rock Band Bhajan 2026

गायक: गौरा वाणी || बैंड: माधवास रॉक बैंड

📝 भजन विवरण

🎤 गायक: गौरा वाणी (Gaura Vani)
🎸 बैंड: माधवास रॉक बैंड (Madhavas Rock Band)
🏷️ श्रेणी: कृष्ण भजन / कीर्तन
📍 भाव: कृष्ण कृपा, नाम जप का महत्व, वैराग्य
🎨 विशेष: आधुनिक कीर्तन शैली

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

हरि हरि, हरि हरि
हरि हरि, हरि हरि
कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे
कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे
कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे
अगर कृष्ण का नाम ले सको, हरि का नाम ले सको
तो समझो कृष्ण कृपा है
कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे
कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे

॥ अंतरा १ ॥

जग के भोगी क्या जाने, क्या जाने क्या है असली कृपा
क्या जाने क्या है असली कृपा, क्या जाने क्या है असली कृपा
दुनिया की जगमग जगमग में ही, उनका सारा ध्यान टीका
उनका सारा ध्यान टीका, उनका सारा ध्यान टीका
हो दुनिया की जगमग जगमग में ही, उनका सारा ध्यान टीका
उनका सारा ध्यान टीका, उनका सारा ध्यान टीका
ये जगमग दुनिया की, साथ लेकर ना जा सकोगे
ये जगमग दुनिया की, साथ लेकर ना जा सकोगे
जो संग यहां से जाएगा, जो आगे काम आएगा
वो तो बस कृष्ण कृपा है
कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे
कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे

हरि हरि, हरि हरि
हरि हरि, हरि हरि

॥ अंतरा २ ॥

दिल टूटा टूटे सपने, सपनों के पीछे भागे क्यों
सपनों के पीछे भागे क्यों, सपनों के पीछे भागे क्यों
प्यार कहे जिसे तू वो भरम है, अंधियारे में जागे क्यों
अंधियारे में जागे क्यों, अंधियारे में जागे क्यों
प्यार कहे जिसे तू वो भरम है, अंधियारे में जागे क्यों
अंधियारे में जागे क्यों, अंधियारे में जागे क्यों
ये रिश्ते दुनिया के, साथ लेकर ना जा सकोगे
ये रिश्ते दुनिया के, साथ लेकर ना जा सकोगे
ठाकुर जी से रिश्ता जुड़ जाए, चरणों की धूल मिल जाए
वही तो बस कृपा है
कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे
कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे

अगर कृष्ण का नाम ले सको, हरि का नाम ले सको
तो समझो कृष्ण कृपा है
कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे
कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे

॥ हरे कृष्ण महामंत्र ॥

हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे (कृष्णा हे)
हरे रामा हरे रामा, रामा रामा हरे हरे (कृष्णा हे हे)
हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे (कृष्णा हे)
हरे रामा हरे रामा, रामा रामा हरे हरे (कृष्ण का नाम कृष्ण का नाम)
हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे (हरि का नाम ले सको)
हरे रामा हरे रामा, रामा रामा हरे हरे (आ आ)

🎤 गायक :- गौरा वाणी (Gaura Vani)

🎸 बैंड :- माधवास रॉक बैंड (Madhavas Rock Band)

गौरा वाणी के सहयोग से | Featuring @gauravanimusic

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत गहन और भावपूर्ण भजन "कृष्ण कृपा हो तभी" गौरा वाणी और माधवास रॉक बैंड द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यह रचना कृष्ण भक्ति के मूल सिद्धांत को बड़े सरल शब्दों में समझाती है – कृष्ण का नाम लेना भी उनकी ही कृपा से संभव होता है।

"कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे" – यह मुखड़ा भक्ति के गूढ़ रहस्य को उजागर करता है। नाम जप की शक्ति अपने आप में अनंत है, परंतु वह नाम हमारे होंठों पर आए, यह भी कृष्ण की ही अनुकंपा है।

"जग के भोगी क्या जाने, क्या है असली कृपा" – जो लोग संसार के भोगों में लिप्त हैं, वे असली कृपा को नहीं पहचान सकते। उनका सारा ध्यान दुनिया की जगमग (भौतिक सुखों) में लगा है, लेकिन यह जगमग कोई अपने साथ नहीं ले जा सकता।

"जो संग यहां से जाएगा, जो आगे काम आएगा, वो तो बस कृष्ण कृपा है" – मृत्यु के बाद केवल कृष्ण की कृपा और उनके नाम का स्मरण ही साथ जाता है। यह पंक्ति वैराग्य और आध्यात्मिक जीवन का सार है।

"दिल टूटा, टूटे सपने, सपनों के पीछे भागे क्यों" – संसार के सपने और रिश्ते क्षणिक हैं। जो प्रेम हम सांसारिक रिश्तों में ढूंढते हैं, वह एक भ्रम (भरम) है।

"ये रिश्ते दुनिया के, साथ लेकर ना जा सकोगे" – यह अत्यंत सशक्त वैराग्य का संदेश है। सांसारिक रिश्ते अस्थायी हैं, केवल ठाकुर जी से जुड़ा रिश्ता ही चिरस्थायी है।

"ठाकुर जी से रिश्ता जुड़ जाए, चरणों की धूल मिल जाए, वही तो बस कृपा है" – भक्ति का चरम लक्ष्य – कृष्ण के चरणों की धूल और उनसे जुड़ाव ही सच्ची कृपा है।

🔍 इस भजन का विशेष महत्व

गौरा वाणी का कीर्तन: गौरा वाणी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कीर्तन कलाकार हैं। उनका गायन परंपरागत भक्ति को आधुनिक संगीत से जोड़ता है।

माधवास रॉक बैंड: यह बैंड अपनी अनूठी रॉक-भक्ति शैली के लिए जाना जाता है। इस भजन में उन्होंने भक्ति भावना को आधुनिक धुनों में ढाला है।

हरे कृष्ण महामंत्र का समावेश: भजन के अंत में हरे कृष्ण महामंत्र का जाप है, जो इस गीत को पारंपरिक कीर्तन परंपरा से जोड़ता है। यह मंत्र कलियुग में सबसे सरल और सशक्त साधन माना गया है।

"कृष्ण कृपा" – भक्ति का आधार: यह भजन हमें याद दिलाता है कि भक्ति की शुरुआत और सफलता दोनों ही कृष्ण की कृपा पर निर्भर हैं। अहंकार से नहीं, विनम्रता से प्राप्त होती है यह कृपा।

💖 कृष्ण कृपा का महत्व

🎯 संदेश

इस भजन का मूल संदेश यह है कि कृष्ण का नाम लेना भी उनकी कृपा का ही परिणाम है। दुनिया की जगमग, रिश्ते-नाते, सपने – सब क्षणिक हैं। जो सच में साथ जाता है, वह है कृष्ण की कृपा। इसलिए जीवन का लक्ष्य केवल यही होना चाहिए कि ठाकुर जी से रिश्ता जुड़े और उनके चरणों की धूल मिले।

✨ आधुनिक कीर्तन की अनूठी प्रस्तुति

कृष्ण कृपा हो तभी आधुनिक शैली में रचा गया एक अद्भुत कीर्तन है। गौरा वाणी की सुमधुर आवाज़ और माधवास रॉक बैंड का संगीत इस भजन को नई पीढ़ी के लिए आकर्षक बनाता है, जबकि इसका गहरा आध्यात्मिक संदेश इसे सनातन परंपरा से जोड़े रखता है।

🙏 हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे || हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे 🙏

॥ गौरा वाणी एवं माधवास रॉक बैंड कृत कीर्तन ॥
॥ कृष्ण कृपा हो तभी, कृष्ण का नाम ले सकोगे ॥

गायक: गौरा वाणी | बैंड: माधवास रॉक बैंड | Singer: Gaura Vani | Band: Madhavas Rock Band

॥ हरि हरि, हरि हरि ॥