🙏 एक कीर्तन ऐसा भी – तेरे खाटू आऊँगा
(Ek Kirtan Aisa Bhi Lyrics In Hindi) – Vijay Goswami Shyam Bhajan 2026
📝 भजन विवरण
📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)
॥ स्थायी ॥
तेरी किरपा से बाबा, कीर्तन करवाऊँगा
लेने को श्याम तुजे, तेरे खाटू आऊँगा॥
॥ अंतरा १ ॥
रखना तू लाज मेरी, मेरे साथ मैं आ जाना
तू मेरा मैं तेरा, सबको बतला जाना
छोटी सी कुटिया में दरबार सजाऊँगा
लेने को श्याम तुजे, तेरे खाटू आऊँगा॥
॥ अंतरा २ ॥
ना कोई कमी बाबा, श्रद्धा में हैं मेरी
कोई कसर ना छोड़ूँगा, मनुहार में तेरी
जहाँ पाँव धरेगा तू, वहाँ मैं बिछ जाऊँगा
लेने को श्याम तुजे, तेरे खाटू आऊँगा॥
॥ अंतरा ३ ॥
दरबार में क्यों बाबा, ये दिखावा ज़रूरी है
दरबार की रौनक तो, भावों से पूरी है
ना कोई दिखावा में, तेरे आगे दिखाऊँगा
लेने को श्याम तुजे, तेरे खाटू आऊँगा॥
॥ अंतरा ४ ॥
तेरा कीर्तन कराने को, नहीं ज़्यादा लगता है
तेरे प्रेमी हो तू हो, इतना ही लगता है
भावों के सचिन भूखे, उनको ही बुलाऊँगा
लेने को श्याम तुजे, तेरे खाटू आऊँगा॥
तेरी किरपा से बाबा, कीर्तन करवाऊँगा
लेने को श्याम तुजे, तेरे खाटू आऊँगा॥
🎤 गायक :- विजय गोस्वामी (Vijay Goswami)
✍️ गीतकार :- सचिन तुलसियाँ (Sachin Tulsiyan)
🎵 संगीत :- सोनू शर्मा, जयपुर (Sonu Sharma, Jaipur)
🙏 भजन का अर्थ और संदेश
यह भजन "एक कीर्तन ऐसा भी" विजय गोस्वामी की आवाज़ में खाटू श्याम बाबा के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास को दर्शाता है। भक्त कहता है कि वह बाबा की कृपा से एक कीर्तन करवाएगा और उन्हें लेने के लिए खाटू आएगा।
"रखना तू लाज मेरी, मेरे साथ मैं आ जाना" – भक्त बाबा से प्रार्थना करता है कि वे उसकी लाज रखें और उसके साथ आएँ। "तू मेरा मैं तेरा" कहकर वह बाबा के साथ अपने अटूट रिश्ते को सबको बताना चाहता है। वह अपनी छोटी सी कुटिया में ही दरबार सजाने को तैयार है।
"ना कोई कमी बाबा, श्रद्धा में हैं मेरी" – भक्त कहता है कि उसकी श्रद्धा में कोई कमी नहीं है। वह बाबा की मनुहार में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। जहाँ बाबा पाँव धरेंगे, वहाँ वह स्वयं बिछ जाएगा – यह पूर्ण समर्पण का भाव है।
"दरबार में क्यों बाबा, ये दिखावा ज़रूरी है" – भक्त कहता है कि असली दरबार की रौनक भावों से पूरी होती है, न कि दिखावे से। वह बाबा के आगे कोई दिखावा नहीं करेगा, केवल सच्चा प्रेम और भाव प्रस्तुत करेगा।
"तेरा कीर्तन कराने को, नहीं ज़्यादा लगता है" – भक्त कहता है कि बाबा का कीर्तन कराने के लिए कुछ ज़्यादा नहीं चाहिए, बस यह भाव कि वे उसके प्रेमी (भक्त) हैं, इतना ही काफी है। अंत में गीतकार सचिन तुलसियाँ अपने नाम का उल्लेख करते हुए कहते हैं कि "भावों के सचिन भूखे" – जो सच्चे भावों से भूखे हैं, उनको ही बाबा बुलाएँगे।
🔍 श्याम भजन का विशेष महत्त्व
एक कीर्तन ऐसा भी: इस भजन का शीर्षक ही अनूठा है। यह उस कीर्तन की बात करता है जो दिखावे से दूर, केवल सच्चे भावों और श्रद्धा से किया जाता है। यह हमें याद दिलाता है कि भक्ति में दिखावे की कोई ज़रूरत नहीं है।
विजय गोस्वामी का गायन: प्रसिद्ध श्याम भक्त गायक विजय गोस्वामी ने इस भजन को अपनी सुरीली आवाज़ दी है। उनके गाए श्याम भजन पूरे देश में लाखों श्याम भक्तों के दिलों में बसते हैं।
सचिन तुलसियाँ के बोल: गीतकार सचिन तुलसियाँ ने इस भजन में भक्त और श्याम बाबा के अटूट रिश्ते को बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया है। "भावों के सचिन भूखे" पंक्ति में उन्होंने अपने नाम को भी सार्थक ढंग से पिरोया है।
सोनू शर्मा, जयपुर का संगीत: जयपुर के संगीतकार सोनू शर्मा ने इस भजन को ऐसा संगीत दिया है जो सीधे दिल में उतर जाता है और श्याम भक्ति के माहौल में डुबो देता है।
"लेने को श्याम तुझे, तेरे खाटू आऊँगा": यह पंक्ति भक्त की उस अटूट आस्था को दर्शाती है जो खाटू श्याम बाबा के प्रति है। भक्त यहाँ यह नहीं कहता कि वह बाबा को लेने जा रहा है, बल्कि वह स्वयं उनके खाटू (धाम) आएगा – यह विनम्रता और समर्पण का भाव है।
💖 सच्ची भक्ति का प्रतीक
🎯 संदेश
इस भजन का मूल संदेश यह है कि सच्ची भक्ति में दिखावे की कोई ज़रूरत नहीं है। श्याम बाबा तो केवल सच्चे भाव और श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं। भक्त की छोटी सी कुटिया भी बाबा के दरबार से कम नहीं है यदि उसमें सच्चा प्रेम हो। बाबा अपने भक्तों की लाज रखते हैं और उनके साथ हमेशा खड़े रहते हैं।
✨ भावों की भूख
एक कीर्तन ऐसा भी केवल एक भजन नहीं, बल्कि उन लाखों श्याम भक्तों की आवाज़ है जो दिखावे से दूर, सच्चे मन से बाबा की भक्ति करना चाहते हैं। गीतकार सचिन तुलसियाँ ने "भावों के सचिन भूखे" कहकर यह संदेश दिया है कि बाबा उन्हीं को बुलाते हैं जो सच्चे भावों से भूखे हैं, न कि दिखावे से।
🙏 ॐ श्री खाटू श्याम महाराज की जय। हारे का सहारा, श्री श्याम उद्धारा।।
गायक: विजय गोस्वामी | गीतकार: सचिन तुलसियाँ | संगीत: सोनू शर्मा, जयपुर