🙏 हाथ पकड़ लो श्याम – नाव हमारी डूब रही है

(Haath Pakad Lo Shyam Lyrics In Hindi) – Pooja Dubey Shyam Bhajan 2026 | Gahri Hai Nadiya Ki Dhara

गायिका एवं गीतकार: पूजा दुबे || तर्ज: चांदी जैसा रंग है

📝 भजन विवरण

🎤 गायिका: पूजा दुबे (Pooja Dubey)
✍️ गीतकार: पूजा दुबे (Pooja Dubey)
🎵 तर्ज: चांदी जैसा रंग है
🏷️ श्रेणी: खाटू श्याम भजन
📍 भाव: विश्वास, समर्पण, नैया पार लगाने की प्रार्थना

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

नाव हमारी डूब रही है,
पार करो मेरे श्याम,
गहरी है नदिया की धारा,
हाथ पकड़ लो श्याम,
गहरी है नदिया की धारा,
हाथ पकड़ लो श्याम॥

तर्ज – चांदी जैसा रंग है

॥ अंतरा १ ॥

मेरे बाबा आठों प्रहर मैं,
जपती तेरा नाम,
विश्वास है तुझ पर सबसे ज्यादा,
थाम ले मेरा हाथ,
तू ही है जो पार लगाए,
थाम ले मेरे पतवार,
तू ही है जो पार लगाए,
थाम ले मेरे पतवार,
गहरी है नदिया की धारा,
हाथ पकड़ लो श्याम॥

॥ अंतरा २ ॥

डूबी जो नाव ये मेरी,
मुझ पर दोष ना आएगा,
मेरे नाम के आगे बाबा,
नाम तेरा आ जाएगा,
भगत तेरा पुकार करे है,
आजा मेरे श्याम,
भगत तेरा पुकार करे है,
आजा मेरे श्याम,
गहरी है नदिया की धारा,
हाथ पकड़ लो श्याम॥

॥ अंतरा ३ ॥

विश्वास भगत का जीत गया,
और बाबा दौड़ा आया,
लीले की करके असवारी,
मोरछड़ी को घुमाया,
सच्चे मन से 'पूजा' पुकारे,
हो जाए भव पार,
सच्चे मन से जो भी पुकारे,
हो जाए भव पार,
गहरी है नदिया की धारा,
हाथ पकड़ लो श्याम॥

नाव हमारी डूब रही है,
पार करो मेरे श्याम,
गहरी है नदिया की धारा,
हाथ पकड़ लो श्याम,
गहरी है नदिया की धारा,
हाथ पकड़ लो श्याम॥

🎤 गायिका एवं गीतकार :- पूजा दुबे (Pooja Dubey)

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भावपूर्ण भजन "हाथ पकड़ लो श्याम" पूजा दुबे की सुरीली आवाज़ में खाटू श्याम बाबा से जीवन रूपी नैया को पार लगाने की मार्मिक प्रार्थना है। भजन का मूल स्वर एक भक्त की व्याकुलता है जो जीवन की कठिनाइयों (गहरी नदिया की धारा) में फंसकर डूब रहा है और श्याम बाबा से उसका हाथ थामने की गुहार लगा रहा है।

"नाव हमारी डूब रही है, पार करो मेरे श्याम" – भक्त अपनी जीवन रूपी नाव को डूबता हुआ देख रहा है और श्याम बाबा से उसे पार लगाने की प्रार्थना करता है। वह कहता है कि नदिया की धारा बहुत गहरी है, इसलिए श्याम उसका हाथ पकड़ लें।

"मेरे बाबा आठों प्रहर मैं, जपती तेरा नाम" – भक्त बताता है कि वह दिन-रात (आठों प्रहर) श्याम बाबा का नाम जपती है। उसे बाबा पर सबसे ज्यादा विश्वास है, इसलिए वह उसका हाथ थाम लें। भक्त कहता है कि बाबा ही वह हैं जो पार लगा सकते हैं, इसलिए वे उसकी पतवार (नाव का खेने वाला डंडा) थाम लें।

"डूबी जो नाव ये मेरी, मुझ पर दोष ना आएगा" – भक्त कहता है कि अगर उसकी नाव डूब गई, तो उस पर दोष नहीं आएगा, क्योंकि उसने बाबा का नाम लिया था। उसके नाम के आगे बाबा का नाम आ जाएगा (अर्थात वह बाबा के नाम की शरण में है)। भक्त (बाबा का भगत) उन्हें पुकार रहा है, इसलिए बाबा आ जाएँ।

"विश्वास भगत का जीत गया, और बाबा दौड़ा आया" – भक्त के विश्वास ने जीत पाई और बाबा दौड़े चले आए। वे लीले (घोड़े) पर सवार होकर आए और अपनी मोरछड़ी (मोर पंखों वाली छड़ी) घुमाई। गीतकार पूजा कहती हैं कि सच्चे मन से जो भी पुकारे, उसका भव (संसार रूपी सागर) पार हो जाता है।

🔍 श्याम भजन का विशेष महत्त्व

जीवन रूपी नाव का प्रतीक: यह भजन जीवन को एक नाव के रूप में चित्रित करता है जो संसार रूपी गहरी नदी में डूब रही है। श्याम बाबा ही वह खिवैया (नाविक) हैं जो इस नाव को पार लगा सकते हैं। यह प्रतीकात्मकता भक्ति साहित्य में बहुत प्रचलित है।

तर्ज "चांदी जैसा रंग है": यह भजन लोकप्रिय गीत "चांदी जैसा रंग है" की धुन पर बनाया गया है। यह धुन बहुत ही मधुर और भावपूर्ण है, जो इस भजन के मार्मिक भावों को और गहरा करती है।

आठों प्रहर नाम जपना: "आठों प्रहर" का अर्थ है 24 घंटे। भक्त कहता है कि वह निरंतर श्याम बाबा का नाम जपती है। यह अखंड भक्ति का प्रतीक है।

"मेरे नाम के आगे बाबा, नाम तेरा आ जाएगा": यह पंक्ति भक्त के गहरे विश्वास को दर्शाती है। वह कहता है कि अगर उसकी नाव डूब भी जाएगी, तो उसके नाम के साथ बाबा का नाम जुड़ जाएगा, क्योंकि वह बाबा की शरण में है। यह अद्भुत समर्पण है।

मोरछड़ी का प्रतीक: मोरछड़ी (मोर पंखों वाली छड़ी) खाटू श्याम बाबा का विशेष प्रतीक है। भजन में बाबा का लीले पर सवार होकर मोरछड़ी घुमाना उनके आशीर्वाद और कृपा का प्रतीक है।

पूजा दुबे की रचना: गायिका और गीतकार पूजा दुबे ने इस भजन के माध्यम से श्याम भक्ति के प्रति अपने गहरे समर्पण को व्यक्त किया है। अंतिम अंतरे में "सच्चे मन से पूजा पुकारे" कहकर उन्होंने स्वयं को भी इस भजन का हिस्सा बना लिया है। यह भजन हर उस भक्त के दिल की आवाज़ है जो मुश्किल घड़ी में बस अपने श्याम का सहारा चाहता है।

💖 विश्वास की जीत

🎯 संदेश

इस भजन का मूल संदेश यह है कि जीवन की गहरी नदिया में जब हमारी नाव डूबने लगे, तो श्याम बाबा ही एकमात्र सहारा हैं। उनका नाम निरंतर जपने से, उन पर अटूट विश्वास रखने से, वे अवश्य हमारी नैया पार लगाते हैं। भक्त का विश्वास ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। चाहे जीवन की धारा कितनी भी गहरी क्यों न हो, सच्चे मन से पुकारने पर बाबा दौड़े चले आते हैं और हाथ पकड़ लेते हैं।

✨ समर्पण की पराकाष्ठा

हाथ पकड़ लो श्याम केवल एक भजन नहीं, बल्कि समर्पण की उस पराकाष्ठा का प्रतीक है जहाँ भक्त अपना सब कुछ बाबा पर छोड़ देता है। यह भजन हमें सिखाता है कि असली शक्ति बाबा के प्रति विश्वास में है। जब हम सच्चे मन से पुकारते हैं, बाबा न केवल हमारी नाव पार लगाते हैं, बल्कि अपनी लीला और मोरछड़ी के साथ स्वयं दौड़े चले आते हैं।

🙏 ॐ श्री खाटू श्याम महाराज की जय। हारे का सहारा, श्री श्याम उद्धारा।।

॥ पूजा दुबे कृत श्याम भजन ॥
॥ हाथ पकड़ लो श्याम, गहरी है नदिया की धारा ॥

गायिका एवं गीतकार: पूजा दुबे | Singer & Lyricist: Pooja Dubey

तर्ज: चांदी जैसा रंग है | Tune: Chandi Jaisa Rang Hai